थोडी नही बहुत सी खुशी दे दी तुमने
अंजुरी भर हसी दे दी तुमने
कुछ मीठे सपने भी सौपे है तुमने
और मैं क्या चाहूंगी इसके सिवा
की जब तक है सितारे जवान
दिल मैं उतर आओ एक गीत बनके
जब चलो तुम मंजिल की तरफ़
मंजिल खुद आ जाए सामने चल के
सूरज जब छोड ये धरती सदा के लिए
चाँद भी हो जब रुखसत सदा के लिए
तब तक तुम रहो धरती पर
मेरे आकाश बनके
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